सूरत संघ मे भाव चार्तुमास
सूरत संघ मे भाव चार्तुमास
परम पूज्य आचार्य भगंवत 1008 श्री हीराचन्द्रजी म.सा.और परम श्रद्धेय भावी आचार्य श्री महेन्द्रमुनीजी म.सा. के आशिर्वाद से और उनकी असीम कृपा से सूरत संघ को जब से सूरत संघ में स्वाध्याय भवन का निर्माण सम्पन्न हुवा है तब से 2015 से लेकर 2021 तक पिछले 7 वर्षो मे 5 रत्नवंशीय चार्तुमास सूरत संघ को प्राप्त हुये सभी चार्तुमास दरम्यान सूरत संघ ने धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उत्तरोतर प्रगति की है और उसी दिशा में अग्रसर है ।
इस वर्ष सूरत संघ को भागीरथ प्रयास के बावजुद भी चार्तुमास नहीं मिल सका लेकिन फ़िर भी सुरत संघ ने इस को एक अवसर के रुप में परिवर्तित किय़ा और सूरत संघ इस बार के चार्तुमास काल को भाव चार्तुमास के रुप में चार्तुमास की तरह ही सभी गतिविघियो के साथ चार्तुमास का शुभांरभ्भ किया ।
सूरत मे स्वाध्याय भवन से मात्र 200 मीटर की दुरी पर ही अन्य संप्रदाय का स्थानक स्थित है और वंहा पर महासती मंडल का चार्तुमास चल रहा है , एंव सुरत मे स्वाध्याय भवन के चार किलोमीटर के दायरे मे भी 3-3 चार्तुमास गतिमान है जंहा पर संत सती विराजमान है।
पुर्व मे प्राप्त चार्तुमासो के प्रभाव से संघ सदस्यो की श्रदा-भक्ति मात्र पूज्य गुरुदेव के प्रति होने से भाव चार्तुमास का शुभांरभ्भ किया गया और यह समझा जाता है की पाट पर आचार्य श्री एंव भावी आचार्य श्री विराजमान है । प्रति चार्तुमासो की तरह प्रवचन को सामायिक स्वाध्याय का नाम दिया गया जिसका समय पुर्व चार्तुमासो के प्रवचन के समय का प्रात: 9 बजे से 10.15 का ही रखा गया । प्रवचन हाल मे प्रात: 9 बजे से 10.15 तक शुरुआत 25 सदस्यो से हुयी और निरंतर बढते-बढते हुये क्रमश: 35-41-51-70 से 103 तक सामायिक करने वालो की श्रावक-श्रावीकाओ की उपस्थिति दर्ज की गयी जो लगातार 80 से 100 के बीच प्रमोदजनक संख्या के साथ भाव चार्तुमास गतिमान है ।
सामायिक स्वाध्याय की शुरुआत सुबह मे 9 बजे प्राथना के साथ की जाती है ततपश्चात संघ श्रावक श्रीमान शांतीलालजी बाफ़ना द्वारा पूज्य आचार्य श्री एंव भावी आचार्य श्री के गुनगान के साथ उत्तराध्यन सूत्र की गाथा का वांचन किया जाता है और उसका बहुत ही सरल रुप में हिन्दी में रुपान्तरण कर के बताया जाता है और ततपश्चात श्रीमान विपुलजी ढाबरिया द्वारा 5 समिति 3 गुप्ति का भी बहुत ही सरल रुप में विवेचना की जा रही है और इसी के साथ साथ बोलने वाले श्रावक श्राविकाओं को भी मोका दे रहा है जिससे संघ में वक्ताओ का भी होशला बढ रहा है
और सांयकालीन प्रतीक्रमण भी निरन्तर गतिमान है और सूरत संघ हमेशा उत्तरोतर प्रगति के लिये प्रयास कर रहा है
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ
सूरत
सुनील गांधी
(महामंत्री)