भाव चार्तुमास रिपोर्ट 2022
परम पूज्य आचार्य भगंवत 1008 श्री हीराचन्द्रजी म.सा.और परम श्रद्धेय भावी आचार्य श्री महेन्द्रमुनीजी म.सा. के आशिर्वाद से और उनकी असीम कृपा से सूरत संघ को जब से सूरत संघ में स्वाध्याय भवन का निर्माण सम्पन्न हुवा है तब से 2015 से लेकर 2021 तक पिछले 7 वर्षो से लगातार पुज्य साधुजी भगंवतो का और पुज्य महासतियाँ जी का चार्तुमास मिलता रहा है और सभी चार्तुमास दरम्यान सूरत संघ ने धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उत्तरोतर प्रगति की है और उसी दिशा में अग्रसर है ।
इस वर्ष सूरत संघ को भागीरथ प्रयास के बावजुद भी चार्तुमास नहीं मिल सका लेकिन फ़िर भी सुरत संघ ने इस को एक अवसर के रुप में परिवर्तित किय़ा और सूरत संघ इस बार के चार्तुमास काल को भाव चार्तुमास के रुप में मनाने का निश्चय किया है सभी सदस्य यही भाव रखते है की पाट पर पुज्य आचार्य भगंवत विराजमान है और हमे अपना आत्म चिंतन करना है इसी कड़ी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चार्तुमास में होने वाले सभी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमो को किर्यान्वित कर रहा है और सुबह में हमेशा की तरह ही प्रवचन का जो समय रहता है उसी समय पर सूरत संघ के सभी परिवार मिलकर स्वाध्याय भवन में सामुहिक सामायिक स्वाध्याय में उपस्तिथिया दर्ज करवा रहा है और सामायिक के प्रोग्राम के साथ साथ स्वाध्यायी श्रावक श्रीमान शांतीलालजी बाफ़ना द्वारा शास्त्र वांचन किया जाता है और उसका बहुत ही सरल रुप में हिन्दी में रुपान्तरण कर के बताया जाता है और श्रीमान विपुलजी ढाबरिया द्वारा 25 बोल और 5 समिति 3 गुप्ति का भी बहुत ही सरल रुप में अध्ययन करवाया जा रहा है और इसी के साथ साथ बोलने वाले श्रावक श्राविकाओं को भी मोका दे रहा है जिससे संघ में वक्ताओ का भी होशला बढ रहा है ।
सामुहिक सामायिक स्वाध्याय में उपस्थिति बहुत ही प्रमोद जनक है और निरन्तर प्रगति की और अग्रसर है और सांयकालीन प्रतीक्रमण भी निरन्तर गतिमान है और सूरत संघ हमेशा उत्तरोतर प्रगति के लिये प्रयास कर रहा है
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ
सूरत
सुनील गांधी
(महामंत्री)
10-08-2022