आत्म रंजन के साथ-साथ मनोरंजन 17-06-2022
जय गुरु हस्ती जय गुरु हीरा-मान जय गुरु महेन्द्र
सादर जय जिनेन्द्र सा
आप सभी रत्न परिवारो को सुचित करते हुये हर्ष हो रहा है कि पिछले दो वर्षो से कोरोना जेसी महामारी चल रही थी जिससे संघ का किसी भी तरह का कोई पारिवारीक स्नेह मिलन का प्रोग्राम और पुज्य गुरु भगवंतो के दर्शन वन्दन का भी सामुहिक प्रोग्राम नही बन पा रहा था ।
अभी पुज्य गूरु भगवंतो के परम आशिर्वाद से सभी तरफ़ वतावरण खुश नुमा है इसलिये संघ ने एक प्रोग्राम बनाया है
“आत्म रंजन के साथ-साथ मनोरंजन”
इस प्रोग्राम में 16 सितम्बर को सुरत से रवाना होकर रायचुर-गंगावती-कोयम्बटूर- ऊँटी-कन्नुर-नागपुर और वापस 26 सितम्बर को सुरत पहुचने का प्रोग्राम रहेगा । इस दरम्यान जीन महासतियो जी का दर्शन-वन्दन का लाभ मिलेगा वो विवरण निचे दिया गया है
रायचुर (व्याख्यात्री महासती श्री इन्दूबालाजी म.सा)
गंगावती (व्याख्यात्री महासती श्री इन्दूबालाजी म.सा की सहवर्तिनी सतियाजी)
कोयम्बटूर (व्याख्यात्री महासती श्री नि:शल्यावतीजी म.सा)
ऊँटी (व्याख्यात्री महासती श्री रुचिताजी म.सा)
नागपुर (व्याख्यात्री महासती श्री चारित्रलताजी म.सा)
कन्नुर (व्याख्यात्री महासती श्री विवेकप्रभाजी म.सा.)
इस प्रोग्राम का पुरा विवरण ड़िटेल के साथ ग्रुप मे ड़ाल रहे है,आप सभी से निवेदन है की आप इस प्रोग्राम मे ज्यादा से ज्यादा और जल्दी से जल्दी अपना और अपने परिवारो का नाम लिखावे जिससे आगे की सभी व्यवस्था कि जा सके। इस प्रोग्राम मे नाम लिखाने की अन्तिम दिंनाक 19 जुन रविवार तक रखी गयी है उसके बाद मे नाम नही लिखा जायेगा इसलिये आप से निवेदन है की आप अपने नाम (सुनील गांधी-9974085013) और (सुशीलजी गोलेच्छा-9327152168) और (जितेन्द्र देवड़ा-9982232555) को लिखा देवे।
इस प्रोग्राम मे नाम लिखाने के लिये एक फ़ोर्म बनाया गया है वो फ़ोर्म इस ग्रुप मे ड़ाल रहे है और फ़ोर्म आपको स्वाध्याय भवन के ओफ़ीस से भी मिल जायेगा आपको फ़ोर्म भरकर वापस रविवार तक जमा करवान होगा।
इस प्रोग्राम के लिये एक व्यक्ति के लिये न्युनतम राशि 4100/- रुपया रखी गयी है वो राशी भी आप को इस फ़ोर्म के साथ मे जमा करवाना रहेगा और यदी किसी भी व्यक्ति को प्रोग्राम रद्द होता है तो कम से कम 3100/ रुपया केन्सीलेशन चार्ज काटा जायेगा ।
पुन: आप सभी से निवेदन है की आप अपना नाम जल्दी से जल्दी अवश्य लिखावे
श्री जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ-सूरत
सुनील गांधी
(महांमत्री)